41वें चक्रधर समारोह में बिलासपुर की युवा कथक नृत्यांगना ईश्वरी पाताडे ने मोहा दर्शकों का मन

रायगढ़, 17 सितंबर 2026: बिलासपुर, छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली युवा कथक नृत्यांगना ईश्वरी लोकेश पाताडे ने प्रतिष्ठित 41वें चक्रधर समारोह के मंच पर अपनी भावपूर्ण, सशक्त और मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अरपा रिवर वैली इंटरनेशनल स्कूल, बिलासपुर की कक्षा 7 की छात्रा ईश्वरी मात्र चार वर्ष की आयु से कथक की साधना कर रही हैं। वर्षों की निरंतर साधना, अनुशासन और कला के प्रति समर्पण का सुंदर प्रतिफल उनकी लगभग एक घंटे की लाइव संगीत संगत के साथ प्रस्तुतियों में देखने को मिला।

ईश्वरी ने अपनी प्रस्तुति का आरंभ एकल गणेश वंदना से किया, जिसके पश्चात उन्होंने युगल तराना प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति का विशेष आकर्षण उनके गुरु के साथ राग मेघ मल्हार पर आधारित त्रयी नृत्य रहा। भावपूर्ण अभिनय, लय और ताल पर अद्भुत पकड़, सधे हुए पद-संचालन तथा सहज एवं आत्मविश्वासपूर्ण मंच उपस्थिति ने उनकी प्रस्तुति को विशेष बना दिया।
41वें चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच पर प्रस्तुति देना ईश्वरी की कलायात्रा का एक गौरवपूर्ण पड़ाव है। यह उपलब्धि न केवल उनके अथक परिश्रम और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि बिलासपुर और अरपा रिवर वैली इंटरनेशनल स्कूल के लिए भी हर्ष और गर्व का विषय है।
ईश्वरी की इस महत्वपूर्ण प्रस्तुति और कलायात्रा को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए बिलासपुर के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री संजय अग्रवाल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया जाता है।
ईश्वरी की यह प्रस्तुति उस स्वप्न की सुंदर अभिव्यक्ति है, जिसे एक नन्ही बालिका ने चार वर्ष की आयु में घुंघरुओं के साथ देखा था—और जिसे आज उसकी साधना, समर्पण और कला निरंतर नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है।





















