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सोनम वांगचुक के समर्थन में बिलासपुर की सड़कों पर उतरे युवा, विभिन्न संगठनों ने किया प्रदर्शन

देशभर में परीक्षा पेपर लीक के लगातार सामने आ रहे मामलों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं वैज्ञानिक सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन तेज हो गया है। इसी क्रम में सोमवार को बिलासपुर में भी अलग-अलग सामाजिक, राजनीतिक और छात्र संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता जताई।
दिनभर शहर के अलग-अलग स्थानों पर रैली, प्रदर्शन और नारेबाजी का दौर चलता रहा। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने निकाली रैली, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
सोनम वांगचुक के समर्थन में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर जिला प्रशासन के माध्यम से कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने कहा कि वे दिल्ली जाकर आंदोलन में शामिल नहीं हो सके, इसलिए बिलासपुर में प्रदर्शन कर अपना समर्थन दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने आंदोलन को युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताते हुए देशभर में उठ रही आवाज का समर्थन किया।

सर्व छत्तीसगढ़िया समाज भी आया समर्थन में
सर्व छत्तीसगढ़िया समाज के पदाधिकारी और सदस्य नेहरू चौक में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़े इस मुद्दे पर पूरे समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
देवकीनंदन चौक पर छात्र संगठनों का प्रदर्शन
शहर के देवकीनंदन चौक पर एआईडीएसओ, आम आदमी पार्टी और विभिन्न छात्र संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में बड़ी संख्या में युवा जुटे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शहरभर में गूंजा युवाओं के भविष्य का मुद्दा
बिलासपुर के अलग-अलग हिस्सों में हुए इन प्रदर्शनों में शामिल संगठनों ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति का समर्थन नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा आंदोलन है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
सोनम वांगचुक के समर्थन में हुए इन प्रदर्शनों के साथ सोमवार को बिलासपुर भी उन शहरों की सूची में शामिल हो गया, जहां जंतर-मंतर से उठी आवाज के समर्थन में युवाओं और विभिन्न संगठनों ने सड़क पर उतरकर अपनी एकजुटता दिखाई

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