#बिलासपुर #स्वास्थ्य

जागरूक नारी’ कार्यक्रम संपन्न, मासिक धर्म जागरूकता पर खुलकर हुई चर्चा

बिलासपुर, 10 जून /आर्यन फिल्म के तत्वावधान में संचालित “चेतना” (अतुलनीय बिलासपुर, सुरक्षित बिलासपुर) अभियान के अंतर्गत मासिक धर्म जागरूकता विषयक विशेष कार्यक्रम ‘जागरूक नारी’ का आयोजन प्रार्थना भवन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मासिक धर्म को लेकर समाज में व्याप्त संकोच, भ्रांतियों और रूढ़िवादी सोच को दूर करते हुए महिलाओं एवं किशोरियों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना था।इस जनजागरूकता अभियान को सफल बनाने में रेपिडो, टर्सेल, जीवधर्णी संस्था, एनएसएस, आधारशिला मंदिर स्कूल, यूनिसेफ तथा भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर संजय अग्रवाल (आईएएस), विशिष्ट अतिथि के रूप में डीआईजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह (आईपीएस), जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल (आईएएस), नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्व (आईएएस) तथा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एल.सी. मढ़रिया ने की।

‘बुके नहीं, बुक दें’ पहल को मिला समर्थन*

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों के सम्मान में पुष्पगुच्छ के स्थान पर भगवद्गीता भेंट की गई। यह पहल कलेक्टर संजय अग्रवाल की ‘बुके नहीं, बुक दें’ अपील से प्रेरित थी। इस अभियान का उद्देश्य पुस्तकों एवं कॉपियों को एकत्रित कर प्रशासन के माध्यम से शासकीय विद्यालयों के जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचाना है, ताकि उनकी शिक्षा को बेहतर सहयोग मिल सके। आर्यन फिल्म के डायरेक्टर रामानंद तिवारी एवं उनकी टीम ने इस सामाजिक संदेश को आत्मसात करते हुए सभी अतिथियों को पुस्तक भेंट कर एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया।माहवारी को लेकर जागरूकता और संवेदनशीलता पर जोरकार्यक्रम में विशेषज्ञों एवं वक्ताओं ने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन की एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, जिसे किसी भी प्रकार की शर्म या संकोच से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। महिलाओं और किशोरियों को सलाह दी गई कि वे संक्रमण से बचाव के लिए प्रत्येक 4 से 6 घंटे में सेनेटरी पैड बदलें, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें तथा पौष्टिक आहार ग्रहण करें। किसी भी प्रकार की असामान्य शारीरिक परेशानी या अत्यधिक दर्द होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की भी सलाह दी गई।

बहनों और माताओं के प्रति संवेदनशील बने समाजअपने संबोधन में डीआईजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि “जिस शब्द में स्वयं ‘धर्म’ जुड़ा हो, वह अपवित्र नहीं हो सकता।” उन्होंने समाज से अपील की कि मासिक धर्म के दौरान बहनों और माताओं के स्वास्थ्य एवं आराम का विशेष ध्यान रखा जाए तथा उनके दैनिक कार्यों में सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि समाज इस प्राकृतिक प्रक्रिया से जुड़ी भ्रांतियों और रूढ़िवादी सोच को त्यागकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाए।जागरूकता फिल्मों की सराहनानगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्व ने आर्यन फिल्म द्वारा निर्मित महावारी जागरूकता फिल्म ‘साइलेंट’ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी रचनात्मक पहलें समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और संवेदनशील विषयों पर खुली चर्चा को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी सलाहकार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एल.सी. मढ़रिया के मार्गदर्शन में शहर की 10 स्त्री रोग विशेषज्ञों का विशेष पैनल बनाया गया। इस दौरान महिलाओं और किशोरियों को बिना किसी झिझक के अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने का अवसर मिला। विशेषज्ञों ने मासिक धर्म से जुड़े विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर जानकारी देते हुए महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता के महत्व से अवगत कराया।कार्यक्रम ने मासिक धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर संवाद, जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक पहल प्रस्तुत की।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *